Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.106
(40 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
प्रशास्य
सुचिरं
कालं
राज्यं
राजीवलोचनः
।
पौत्रे
भारं
समावेश्य
जगाम
त्रिदिवं
तदा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
प्रजज्ञे | च | ततः | काले | राजन् | राजीव + लोचन
पौत्रे | भारं | समावेश्य | जगाम | त्रिदिवं | तदा
पौत्रे | भारं | समावेश्य | जगाम | त्रिदिवं | तदा