Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.8
(38 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
तैजसी
सा
सभा
राजन्बभूव
शतयोजना
।
विस्तारायामसंपन्ना
भूयसी
चापि
पाण्डव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तैजसी | सा | सभा | राजन् | बभूव | शत + योजन
विस्तार + आयाम + सम्पद् | भूयसी | च + अपि | पाण्डव
विस्तार + आयाम + सम्पद् | भूयसी | च + अपि | पाण्डव