Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.8
(38 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
अरिप्रणुत्सुसिंहश्च
कृतवेगः
कृतिर्निमिः
।
प्रतर्दनः
शिबिर्मत्स्यः
पृथ्वक्षोऽथ
बृहद्रथः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अरि + प्रणुद् | सुसिंह + च | कृतवेगः | कृतिर् | निमिः
प्रतर्दनः | शिबिर् | मत्स्यः | पृथ्वक्षो | ऽथ | बृहद्रथः
प्रतर्दनः | शिबिर् | मत्स्यः | पृथ्वक्षो | ऽथ | बृहद्रथः