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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.71
(47 verses)
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Sanskrit Text
विविधानीह
रूपाणि
कृत्वा
गच्छन्ति
पाण्डवाः
।
तन्ममाचक्ष्व
विदुर
कस्मादेवं
व्रजन्ति
ते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
बाहू | विशालौ | कृत्वा | तु | भीमो | गच्छति | पाण्डवः
तद् + मद् + आचक्ष् | विदुर | कस्माद् | एवं | व्रजन्ति | ते
तद् + मद् + आचक्ष् | विदुर | कस्माद् | एवं | व्रजन्ति | ते