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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.7
(26 verses)
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Sanskrit Text
तस्यां
देवेश्वरः
पार्थ
सभायां
परमासने
।
आस्ते
शच्या
महेन्द्राण्या
श्रिया
लक्ष्म्या
च
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्यां | देवेश्वरः | पार्थ | सभायां | परम + आसन
आस्ते | शच्या | महत् + इन्द्राणी | श्रिया | लक्ष्म्या | च | भारत
आस्ते | शच्या | महत् + इन्द्राणी | श्रिया | लक्ष्म्या | च | भारत