Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.69
(21 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
पुरूरवसमैलं
त्वं
बुद्ध्या
जयसि
पाण्डव
।
शक्त्या
जयसि
राज्ञोऽन्यानृषीन्धर्मोपसेवया
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पुरूरवसम् | ऐलं | त्वं | बुद्ध्या | जयसि | पाण्डव
शक्त्या | जयसि | राज्ञो | ऽन्यान् | ऋषीन् | धर्म + उपसेवा
शक्त्या | जयसि | राज्ञो | ऽन्यान् | ऋषीन् | धर्म + उपसेवा