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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.67
(21 verses)
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Sanskrit Text
अक्षद्यूते
समाह्वानं
नियोगात्स्थविरस्य
च
।
जानन्नपि
क्षयकरं
नातिक्रमितुमुत्सहे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अक्ष + द्यूत | समाह्वानं | नियोगात् | स्थविरस्य | च
जानन्न् | अपि | क्षय + कर | न + अतिक्रम् | उत्सहे
जानन्न् | अपि | क्षय + कर | न + अतिक्रम् | उत्सहे