Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.65
(17 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
त्वयि
धर्मोऽर्जुने
वीर्यं
भीमसेने
पराक्रमः
।
श्रद्धा
च
गुरुशुश्रूषा
यमयोः
पुरुषाग्र्ययोः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्वयि | धर्मो | ऽर्जुने | वीर्यं | भीमसेने | पराक्रमः
श्रद्धा | च | गुरु + शुश्रूषा | यमयोः | पुरुष + अग्र्य
श्रद्धा | च | गुरु + शुश्रूषा | यमयोः | पुरुष + अग्र्य