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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.65
(17 verses)
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Sanskrit Text
इत्युक्तो
भरतश्रेष्ठो
धर्मराजो
युधिष्ठिरः
।
कृत्वार्यसमयं
सर्वं
प्रतस्थे
भ्रातृभिः
सह
॥
Padaccheda (Word Analysis)
द्वैरथे | यत्र | कर्णेन | धर्मराजो | युधिष्ठिरः
कृ + आर्य + समय | सर्वं | प्रतस्थे | भ्रातृभिः | सह
कृ + आर्य + समय | सर्वं | प्रतस्थे | भ्रातृभिः | सह