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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.64
(17 verses)
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Sanskrit Text
इत्युक्त्वा
भीमसेनस्तु
कनिष्ठैर्भ्रातृभिर्वृतः
।
मृगमध्ये
यथा
सिंहो
मुहुः
परिघमैक्षत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इति + वच् | भीमसेन + तु | कनिष्ठैर् | भ्रातृभिर् | वृतः
मृग + मध्य | यथा | सिंहो | मुहुः | परिघम् | ऐक्षत
मृग + मध्य | यथा | सिंहो | मुहुः | परिघम् | ऐक्षत