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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.63
(36 verses)
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Sanskrit Text
लोभो
धर्मस्य
नाशाय
भगवन्नाहमुत्सहे
।
अनर्हा
वरमादातुं
तृतीयं
राजसत्तम
॥
Padaccheda (Word Analysis)
लोभो | धर्मस्य | नाशाय | भगवत् + न + मद् | उत्सहे
अनर्हा | वरम् | आदातुं | तृतीयं | राजन् + सत्तम
अनर्हा | वरम् | आदातुं | तृतीयं | राजन् + सत्तम