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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.63
(36 verses)
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Sanskrit Text
वृकोदरस्तदालोक्य
नेत्रे
उत्फाल्य
लोहिते
।
प्रोवाच
राजमध्ये
तं
सभां
विश्रावयन्निव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
वृकोदर + तद् | आलोक्य | नेत्रे | उत्फाल्य | लोहिते
प्रोवाच | राजन् + मध्य | तं | सभां | विश्रावयन्न् | इव
प्रोवाच | राजन् + मध्य | तं | सभां | विश्रावयन्न् | इव