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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.63
(36 verses)
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Sanskrit Text
एवमुक्त्वा
स
कौन्तेयमपोह्य
वसनं
स्वकम्
।
स्मयन्निवैक्षत्पाञ्चालीमैश्वर्यमदमोहितः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तम् | उवाच | स | कौन्तेयः | दृश् + एनद् | वनस्पतिम्
स्मयन्न् | इव + ईक्ष् | पाञ्चालीम् | ऐश्वर्य + मद + मोहय्
स्मयन्न् | इव + ईक्ष् | पाञ्चालीम् | ऐश्वर्य + मद + मोहय्