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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.61
(82 verses)
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Sanskrit Text
यो
हि
प्रश्नं
न
विब्रूयाद्धर्मदर्शी
सभां
गतः
।
अनृते
या
फलावाप्तिस्तस्याः
सोऽर्धं
समश्नुते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यो | हि | प्रश्नं | न | विब्रूयाद् | धर्म + दर्शिन् | सभां | गतः
अनृते | या | फल + अवाप्ति + तद् | सो | ऽर्धं | समश्नुते
अनृते | या | फल + अवाप्ति + तद् | सो | ऽर्धं | समश्नुते