Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.61
(82 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
सभां
प्रपद्यते
ह्यार्तः
प्रज्वलन्निव
हव्यवाट्
।
तं
वै
सत्येन
धर्मेण
सभ्याः
प्रशमयन्त्युत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सभां | प्रपद्यते | हि + आर्त | प्रज्वलन्न् | इव | हव्यवाट्
तं | वै | सत्येन | धर्मेण | सभ्याः | प्रशमय् + उत
तं | वै | सत्येन | धर्मेण | सभ्याः | प्रशमय् + उत