Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.60
(47 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
कथं
त्वेवं
वदसि
प्रातिकामि;न्को
वै
दीव्येद्भार्यया
राजपुत्रः
।
मूढो
राजा
द्यूतमदेन
मत्त;
आहो
नान्यत्कैतवमस्य
किंचित्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कथं | तु + एवम् | वदसि | प्रातिकामिन् | को | वै | दीव्येद् | भार्यया | राजन् + पुत्र
मूढो | राजा | द्यूत + मद | मत्त | आहो | न + अन्य | कैतवम् | अस्य | किंचित्
मूढो | राजा | द्यूत + मद | मत्त | आहो | न + अन्य | कैतवम् | अस्य | किंचित्