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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.60
(47 verses)
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Sanskrit Text
हृतेन
राज्येन
तथा
धनेन;
रत्नैश्च
मुख्यैर्न
तथा
बभूव
।
यथार्तया
कोपसमीरितेन;
कृष्णाकटाक्षेण
बभूव
दुःखम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
हृतेन | राज्येन | तथा | धनेन | रत्न + च | मुख्यैर् | न | तथा | बभूव
यथा + आर्त | कोप + समीरय् | कृष्णा + कटाक्ष | बभूव | दुःखम्
यथा + आर्त | कोप + समीरय् | कृष्णा + कटाक्ष | बभूव | दुःखम्