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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.60
(47 verses)
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Sanskrit Text
स
तां
परामृश्य
सभासमीप;मानीय
कृष्णामतिकृष्णकेशीम्
।
दुःशासनो
नाथवतीमनाथव;च्चकर्ष
वायुः
कदलीमिवार्ताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | तां | परामृश्य | सभा + समीप | आनीय | कृष्णाम् | अति + कृष्ण + केश
दुःशासनो | नाथवतीम् | अनाथ + वत् | चकर्ष | वायुः | कदलीम् | इव + आर्त
दुःशासनो | नाथवतीम् | अनाथ + वत् | चकर्ष | वायुः | कदलीम् | इव + आर्त