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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.60
(47 verses)
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Sanskrit Text
ये
राजसूयावभृथे
जलेन;
महाक्रतौ
मन्त्रपूतेन
सिक्ताः
।
ते
पाण्डवानां
परिभूय
वीर्यं;
बलात्प्रमृष्टा
धृतराष्ट्रजेन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ये | राजसूय + अवभृथ | जलेन | महत् + क्रतु | मन्त्र + पू | सिक्ताः
ते | पाण्डवानां | परिभूय | वीर्यं | बलात् | प्रमृष्टा | धृतराष्ट्र + ज
ते | पाण्डवानां | परिभूय | वीर्यं | बलात् | प्रमृष्टा | धृतराष्ट्र + ज