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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.54
(29 verses)
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Sanskrit Text
प्राज्ञा
मेधाविनो
दक्षा
युवानो
मृष्टकुण्डलाः
।
पात्रीहस्ता
दिवारात्रमतिथीन्भोजयन्त्युत
।
एतद्राजन्धनं
मह्यं
तेन
दीव्याम्यहं
त्वया
॥
Padaccheda (Word Analysis)
राजानो | राजन् + पुत्र + च | युवानो | मृज् + कुण्डल
पात्री + हस्त | दिवारात्रम् | अतिथीन् | भोजय् + उत
एतद् | राजन् | धनं | मह्यं | तेन | दीव् + मद् | त्वया
पात्री + हस्त | दिवारात्रम् | अतिथीन् | भोजय् + उत
एतद् | राजन् | धनं | मह्यं | तेन | दीव् + मद् | त्वया