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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.52
(37 verses)
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Sanskrit Text
एवमुक्त्वा
विदुरं
धर्मराजः;
प्रायात्रिकं
सर्वमाज्ञाप्य
तूर्णम्
।
प्रायाच्छ्वोभूते
सगणः
सानुयात्रः;
सह
स्त्रीभिर्द्रौपदीमादिकृत्वा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एवम् | उक्त्वा | विदुरं | धर्मराजः | प्रायात्रिकं | सर्वम् | आज्ञाप्य | तूर्णम्
प्रया + श्वोभूत | स + गण | स + अनुयात्र | सह | स्त्रीभिर् | द्रौपदीम् | आदिकृत्वा
प्रया + श्वोभूत | स + गण | स + अनुयात्र | सह | स्त्रीभिर् | द्रौपदीम् | आदिकृत्वा