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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.52
(37 verses)
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Sanskrit Text
न
चाकामः
शकुनिना
देविताहं;
न
चेन्मां
धृष्णुराह्वयिता
सभायाम्
।
आहूतोऽहं
न
निवर्ते
कदाचि;त्तदाहितं
शाश्वतं
वै
व्रतं
मे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | च + अकाम | शकुनिना | देवितृ + मद् | न | चेद् + मद् | धृष्णुर् | आह्वयिता | सभायाम्
आहूतो | ऽहं | न | निवर्ते | कदाचित् | तद् | आहितं | शाश्वतं | वै | व्रतं | मे
आहूतो | ऽहं | न | निवर्ते | कदाचित् | तद् | आहितं | शाश्वतं | वै | व्रतं | मे