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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.51
(26 verses)
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Sanskrit Text
वाक्यं
न
मे
रोचते
यत्त्वयोक्तं;
यत्ते
प्रियं
तत्क्रियतां
नरेन्द्र
।
पश्चात्तप्स्यसे
तदुपाक्रम्य
वाक्यं;
न
हीदृशं
भावि
वचो
हि
धर्म्यम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
वाक्यं | न | मे | रोचते | यत् | त्वद् + वच् | यत् | ते | प्रियं | तत् | क्रियतां | नरेन्द्र
पश्चात् | तप्स्यसे | तद् | उपाक्रम्य | वाक्यं | न | हि + ईदृश | भावि | वचो | हि | धर्म्यम्
पश्चात् | तप्स्यसे | तद् | उपाक्रम्य | वाक्यं | न | हि + ईदृश | भावि | वचो | हि | धर्म्यम्