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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.49
(25 verses)
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Sanskrit Text
अन्धेनेव
युगं
नद्धं
विपर्यस्तं
नराधिप
।
कनीयांसो
विवर्धन्ते
ज्येष्ठा
हीयन्ति
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अन्ध + इव | युगं | नद्धं | विपर्यस्तं | नराधिप
कनीयांसो | विवर्धन्ते | ज्येष्ठा | हीयन्ति | भारत
कनीयांसो | विवर्धन्ते | ज्येष्ठा | हीयन्ति | भारत