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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.47
(31 verses)
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Sanskrit Text
न
विन्दे
दृढमात्मानं
दृष्ट्वाहं
तदरेर्धनम्
।
फलतो
भूमितो
वापि
प्रतिपद्यस्व
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | विन्दे | दृढम् | आत्मानं | दृश् + मद् | तद् | अरेर् | धनम्
फलतो | भूमितो | वा + अपि | प्रतिपद्यस्व | भारत
फलतो | भूमितो | वा + अपि | प्रतिपद्यस्व | भारत