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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.46
(35 verses)
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Sanskrit Text
तत्र
स्म
यदि
शक्तः
स्यां
पातयेयं
वृकोदरम्
।
सपत्नेनावहासो
हि
स
मां
दहति
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तत्र | स्म | यदि | शक्तः | स्यां | पातयेयं | वृकोदरम्
सपत्न + अवहास | हि | स | मां | दहति | भारत
सपत्न + अवहास | हि | स | मां | दहति | भारत