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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.43
(36 verses)
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Sanskrit Text
तेन
दैवं
परं
मन्ये
पौरुषं
तु
निरर्थकम्
।
धार्तराष्ट्रा
हि
हीयन्ते
पार्था
वर्धन्ति
नित्यशः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दैवं | तु | परमं | मन्ये | पौरुषं | तु | निरर्थकम्
धार्तराष्ट्रा | हि | हीयन्ते | पार्था | वर्धन्ति | नित्यशः
धार्तराष्ट्रा | हि | हीयन्ते | पार्था | वर्धन्ति | नित्यशः