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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.41
(33 verses)
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Sanskrit Text
हन्यतां
दुर्मतिर्भीष्मः
पशुवत्साध्वयं
नृपैः
।
सर्वैः
समेत्य
संरब्धैर्दह्यतां
वा
कटाग्निना
॥
Padaccheda (Word Analysis)
हन्यतां | दुर्मतिर् | भीष्मः | पशु + वत् | साधु + इदम् | नृपैः
सर्वैः | समेत्य | संरब्धैर् | दह्यतां | वा | कटाग्निना
सर्वैः | समेत्य | संरब्धैर् | दह्यतां | वा | कटाग्निना