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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.38
(40 verses)
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Sanskrit Text
चेतनारहितं
काष्ठं
यद्यनेन
निपातितम्
।
पादेन
शकटं
भीष्म
तत्र
किं
कृतमद्भुतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
चेतना + रहित | काष्ठं | यदि + इदम् | निपातितम्
पादेन | शकटं | भीष्म | तत्र | किं | कृतम् | अद्भुतम्
पादेन | शकटं | भीष्म | तत्र | किं | कृतम् | अद्भुतम्