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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.38
(40 verses)
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Sanskrit Text
यत्र
कुत्सा
प्रयोक्तव्या
भीष्म
बालतरैर्नरैः
।
तमिमं
ज्ञानवृद्धः
सन्गोपं
संस्तोतुमिच्छसि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यत्र | कुत्सा | प्रयोक्तव्या | भीष्म | बालतरैर् | नरैः
तम् | इमं | ज्ञान + वृद्ध | सन् | गोपं | संस्तोतुम् | इच्छसि
तम् | इमं | ज्ञान + वृद्ध | सन् | गोपं | संस्तोतुम् | इच्छसि