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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.38
(40 verses)
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Sanskrit Text
यां
त्वयापहृतां
भीष्म
कन्यां
नैषितवान्नृपः
।
भ्राता
विचित्रवीर्यस्ते
सतां
वृत्तमनुष्ठितः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यां | त्वद् + अपहृ | भीष्म | कन्यां
भ्राता | विचित्रवीर्य + त्वद् | सतां | वृत्तम् | अनुष्ठितः
भ्राता | विचित्रवीर्य + त्वद् | सतां | वृत्तम् | अनुष्ठितः