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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.35
(29 verses)
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Sanskrit Text
तस्मात्सत्स्वपि
वृद्धेषु
कृष्णमर्चाम
नेतरान्
।
एवं
वक्तुं
न
चार्हस्त्वं
मा
भूत्ते
बुद्धिरीदृशी
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्मात् | सत् + अपि | वृद्धेषु | कृष्णम् | अर्चाम | न + इतर
कर्तुम् | अर्हसि | कौन्तेय | कस्मात् | ते | बुद्धिर् | ईदृशी
कर्तुम् | अर्हसि | कौन्तेय | कस्मात् | ते | बुद्धिर् | ईदृशी