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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.32
(18 verses)
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Sanskrit Text
राज्ञां
तु
प्रतिपूजार्थं
संजयं
संन्ययोजयत्
।
कृताकृतपरिज्ञाने
भीष्मद्रोणौ
महामती
॥
Padaccheda (Word Analysis)
राज्ञां | तु | प्रतिपूजा + अर्थ | संजयं | संन्ययोजयत्
कृ + अकृत + परिज्ञान | भीष्म + द्रोण | महत् + मति
कृ + अकृत + परिज्ञान | भीष्म + द्रोण | महत् + मति