Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.27
(28 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
निवृत्य
च
महाबाहुर्मदर्वीकं
महीधरम्
।
सोपदेशं
विनिर्जित्य
प्रययावुत्तरामुखः
।
वत्सभूमिं
च
कौन्तेयो
विजिग्ये
बलवान्बलात्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
निवृत्य | च | महत् + बाहु | मदर्वीकं | महीधरम्
स + उपदेश | विनिर्जित्य | प्रया + उत्तरा + मुख
वत्स + भूमि | च | कौन्तेयो | विजिग्ये | बलवान् | बलात्
स + उपदेश | विनिर्जित्य | प्रया + उत्तरा + मुख
वत्स + भूमि | च | कौन्तेयो | विजिग्ये | बलवान् | बलात्