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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.27
(28 verses)
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Sanskrit Text
उभौ
बलवृतौ
वीरावुभौ
तीव्रपराक्रमौ
।
निर्जित्याजौ
महाराज
वङ्गराजमुपाद्रवत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
उभौ | बल + वृ | वीर + उभ् | तीव्र + पराक्रम
निर्जि + आजि | महत् + राज | वङ्ग + राज | उपाद्रवत्
निर्जि + आजि | महत् + राज | वङ्ग + राज | उपाद्रवत्