Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.25
(20 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
वृतः
सुमहता
राजन्बलेन
चतुरङ्गिणा
।
आजगाम
पुनर्वीरः
शक्रप्रस्थं
पुरोत्तमम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
वृतः | सु + महत् | राजन् | बलेन | चतुरङ्गिणा
आजगाम | पुनर् | वीरः | शक्रप्रस्थं | पुर + उत्तम
आजगाम | पुनर् | वीरः | शक्रप्रस्थं | पुर + उत्तम