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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.24
(27 verses)
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Sanskrit Text
स
विजित्य
ततो
राजन्नृषिकान्रणमूर्धनि
।
शुकोदरसमप्रख्यान्हयानष्टौ
समानयत्
।
मयूरसदृशानन्यानुभयानेव
चापरान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | विजित्य | ततो | राजन्न् | ऋषिकान् | रण + मूर्धन्
शुक + उदर + सम + प्रख्या | हयान् | अष्टौ | समानयत्
मयूर + सदृश | अन्यान् | उभयान् | एव | च + अपर
शुक + उदर + सम + प्रख्या | हयान् | अष्टौ | समानयत्
मयूर + सदृश | अन्यान् | उभयान् | एव | च + अपर