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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.24
(27 verses)
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Sanskrit Text
सुमहान्संनिपातोऽभूद्धनंजयबृहन्तयोः
।
न
शशाक
बृहन्तस्तु
सोढुं
पाण्डवविक्रमम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सु + महत् | संनिपातो | ऽभूद् | धनंजय + बृहन्त
न | शशाक | बृहन्त + तु | सोढुं | पाण्डव + विक्रम
न | शशाक | बृहन्त + तु | सोढुं | पाण्डव + विक्रम