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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.23
(26 verses)
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Sanskrit Text
अहं
सखा
सुरेन्द्रस्य
शक्रादनवमो
रणे
।
न
च
शक्नोमि
ते
तात
स्थातुं
प्रमुखतो
युधि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अहं | सखा | सुरेन्द्रस्य | शक्राद् | अनवमो | रणे
न | च | शक्नोमि | ते | तात | स्थातुं | प्रमुखतो | युधि
न | च | शक्नोमि | ते | तात | स्थातुं | प्रमुखतो | युधि