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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.20
(34 verses)
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Sanskrit Text
वैकृते
चासति
कथं
मन्यध्वं
मामनागसम्
।
अरिं
विब्रूत
तद्विप्राः
सतां
समय
एष
हि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
वैकृते | च + असत् | कथं | मन्यध्वं | माम् | अनागसम्
अरिं | विब्रूत | तद् | विप्राः | सतां | समय | एष | हि
अरिं | विब्रूत | तद् | विप्राः | सतां | समय | एष | हि