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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.19
(50 verses)
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Sanskrit Text
शूद्रायां
गौतमो
यत्र
महात्मा
संशितव्रतः
।
औशीनर्यामजनयत्काक्षीवादीन्सुतानृषिः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
शूद्रायां | गौतमो | यत्र | महात्मा | संशित + व्रत
औशीनर्याम् | अजनयत् | काक्षीव + आदि | सुतान् | ऋषिः
औशीनर्याम् | अजनयत् | काक्षीव + आदि | सुतान् | ऋषिः