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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.19
(50 verses)
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Sanskrit Text
क्षत्रियो
बाहुवीर्यस्तु
न
तथा
वाक्यवीर्यवान्
।
अप्रगल्भं
वचस्तस्य
तस्माद्बार्हद्रथे
स्मृतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
क्षत्रियो | बाहु + वीर्य + तु | न | तथा | वाक्य + वीर्यवत्
अ + प्रगल्भ | वचस् + तद् | तस्माद् | बार्हद्रथे | स्मृतम्
अ + प्रगल्भ | वचस् + तद् | तस्माद् | बार्हद्रथे | स्मृतम्