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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.18
(30 verses)
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Sanskrit Text
संतीर्य
सरयूं
रम्यां
दृष्ट्वा
पूर्वांश्च
कोसलान्
।
अतीत्य
जग्मुर्मिथिलां
मालां
चर्मण्वतीं
नदीम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
संतीर्य | सरयूं | रम्यां | दृष्ट्वा | पूर्व + च | कोसलान्
अतीत्य | जग्मुर् | मिथिलां | मालां | चर्मण्वतीं | नदीम्
अतीत्य | जग्मुर् | मिथिलां | मालां | चर्मण्वतीं | नदीम्