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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.14
(20 verses)
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Sanskrit Text
प्रोक्षितानां
प्रमृष्टानां
राज्ञां
पशुपतेर्गृहे
।
पशूनामिव
का
प्रीतिर्जीविते
भरतर्षभ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
प्रोक्षितानां | प्रमृष्टानां | राज्ञां | पशुपतेर् | गृहे
पशूनाम् | इव | का | प्रीतिर् | जीविते | भरत + ऋषभ
पशूनाम् | इव | का | प्रीतिर् | जीविते | भरत + ऋषभ