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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.13
(68 verses)
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Sanskrit Text
यदा
त्वभ्येत्य
पितरं
सा
वै
राजीवलोचना
।
कंसभार्या
जरासंधं
दुहिता
मागधं
नृपम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यदा | तु + अभ्ये | पितरं | सा | वै | राजीवलोचना
कंस + भार्या | जरासंधं | दुहिता | मागधं | नृपम्
कंस + भार्या | जरासंधं | दुहिता | मागधं | नृपम्