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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.13
(68 verses)
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Sanskrit Text
हतो
हंस
इति
प्रोक्तमथ
केनापि
भारत
।
तच्छ्रुत्वा
डिभको
राजन्यमुनाम्भस्यमज्जत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
हतो | हंस | इति | प्रोक्तम् | अथ | क + अपि | भारत
तद् + श्रु | डिभको | राजन् | यमुना + अम्भस् + मज्ज्
तद् + श्रु | डिभको | राजन् | यमुना + अम्भस् + मज्ज्