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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.12
(40 verses)
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Sanskrit Text
तं
राजसूयं
सुहृदः
कार्यमाहुः
समेत्य
मे
।
तत्र
मे
निश्चिततमं
तव
कृष्ण
गिरा
भवेत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | राजसूयं | सुहृदः | कार्यम् | आहुः | समेत्य | मे
तत्र | मे | निश्चिततमं | तव | कृष्ण | गिरा | भवेत्
तत्र | मे | निश्चिततमं | तव | कृष्ण | गिरा | भवेत्