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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.12
(40 verses)
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Sanskrit Text
यस्मिन्सर्वं
संभवति
यश्च
सर्वत्र
पूज्यते
।
यश्च
सर्वेश्वरो
राजा
राजसूयं
स
विन्दति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यस्मिन् | सर्वं | सम्भवति | यद् + च | सर्वत्र | पूज्यते
यद् + च | सर्व + ईश्वर | राजा | राजसूयं | स | विन्दति
यद् + च | सर्व + ईश्वर | राजा | राजसूयं | स | विन्दति