Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 14 -
Chapter 14.62
(23 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
श्रुत्वा
द्वैपायनवचो
धर्मराजो
युधिष्ठिरः
।
भ्रातॄन्सर्वान्समानाय्य
काले
वचनमब्रवीत्
।
अर्जुनं
भीमसेनं
च
माद्रीपुत्रौ
यमावपि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एतावद् | उक्त्वा | गोविन्दो | धर्मराजं | युधिष्ठिरम्
भ्रातॄन् | सर्वान् | समानाय्य | काले | वचनम् | अब्रवीत्
भीमसेनं | च | दुर्धर्षं | माद्री + पुत्र | च | पाण्डवौ
भ्रातॄन् | सर्वान् | समानाय्य | काले | वचनम् | अब्रवीत्
भीमसेनं | च | दुर्धर्षं | माद्री + पुत्र | च | पाण्डवौ