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Currently viewing: Parva 14 -
Chapter 14.62
(23 verses)
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Sanskrit Text
रक्षन्ते
ये
च
तद्द्रव्यं
किंकरा
रौद्रदर्शनाः
।
ते
च
वश्या
भविष्यन्ति
प्रसन्ने
वृषभध्वजे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
रक्षन्ते | ये | च | तद् | द्रव्यं | किंकरा | रौद्र + दर्शन
ते | च | वश्या | भविष्यन्ति | प्रसन्ने | वृषभध्वजे
ते | च | वश्या | भविष्यन्ति | प्रसन्ने | वृषभध्वजे